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अब 'पानी का अधिकार' कानून लागू करेगी कमलनाथ सरकार, हर व्यक्ति को मिलेगा इतने लीटर

 

Jun 01 , 2019

संजय त्यागी

सीहोर। प्रदेश में दिनों दिन जल संकट गहराता जा रहा है। कई जगह सूखे के हालत बने हुए है।इस बार भी भीषण गर्मा के कारण लोगों तक पानी नही पहुंच पा रहा है, चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है, ऐसे में  आने वाले समय में स्थिति और भयावह ना हो इसके लिए राज्य की कमलनाथ सरकार नया फॉर्मूला लाने जा रही है।खबर है कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार  'पानी का अधिकार' कानून लागू करने जा रही है। इसके तहत पूरे साल एक परिवार को जरूरत के मुताबिक यानि हर नागरिक को प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी का अधिकार दिया जायेगा।

सीएम कमलनाथ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके लिए पंचवर्षीय योजना तैयार की जाएगी। उसके बाद इसे लागू किया जाएगा।इस बार मे ज्यादा जानकारी देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने बताया कि इसे पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। आम लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इस मकसद से राज्य में 'पानी का अधिकार' कानून लागू किया जा रहा है। यह लागू हो जाने से एक परिवार और व्यक्ति को उसकी जरूरत के मुताबिक पानी जरूरी तौर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि देश में जिस तरह सूचना हासिल करने के लिए सूचना का अधिकार, गरीबों को शिक्षा की सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा का अधिकार, रोजगार की गारंटी के लिए मनरेगा और भोजन का अधिकार लागू हैं, उसी तरह हर परिवार को पानी की सुविधा दिलाने के लिए पानी का अधिकार लागू किया जाने वाला है। राज्य सरकार की मंशा है कि हर घर तक नल का पानी पहुंचे। इसको ध्यान में रखते हुए नल-जल योजना भी बनाई जाएगी। इसके लिए नाबार्ड और एशियन बैंक से वित्तीय मदद ली जाएगी।

बता दे कि इस अधिकार के तहत प्रदेश के हर नागरिक को प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी का अधिकार दिया जाएगा। यानि हर व्यक्ति को कम से कम 55 लीटर पानी ज़रूर मिलेगा। केंद्र में अभी प्रति व्यक्ति 40 लीटर पानी देने का प्रावधान है। वही देश के नागरिकों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के मामले में मध्यप्रदेश की बात करे तो इसका स्थान 17वां है। जबकी हमारे राज्य से बेहतर स्थिति सिक्किम, गुजरात आदि की है, ये हमसे आगे है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये अधिकार देने की बात कही है।सरकार को पूरी उम्मीद है कि ऐसा करके प्रदेश में मंडराते जल संकट को दूर किया जा सकेगा।

मध्‍यप्रदेश में बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले, शहडोल कमिश्‍नर को हटाया।

मनोज कवि

भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्‍त होने ही मध्‍यप्रदेश सरकार ने सोमवार रात बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए।

सामान्‍य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। सरकार ने शहडोल कमिश्नर शोभित जैन को हटा दिया है। शोभित जैन ने शहडोल कलेक्टर ललित दाहिमा के खिलाफ रिपोर्ट दी थी जिसके चलते चुनाव आयोग ने उन्हें हटा दिया था

वहीं जबलपुर कलेक्टर छवि भारद्वाज को भी हटा दिया गया है। छिंदवाड़ा कलेक्टर भरत यादव को जबलपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। पन्ना के कलेक्टर मनोज खत्री को हटाकर मंत्रालय में उप सचिव बनाया है जबकि ग्वालियर के कमिश्नर महेश चंद्र चौधरी को राजस्व मंडल भेजा गया है। चंबल संभाग के कमिश्नर एमके अग्रवाल को आयुक्त सहकारी संस्थाएं बनाया है।

कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश गिरवाल ने मनावर का दौरा किया

पन्नालाल गेहलोत। 

मनावर। धार महू लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी  दिनेश गिरवाल ने आज मनावर क्षेत्र का दौरा किया। श्री गिरवाल ने यहाँ पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। बाद में मनावर में हनुमान जयंती पर चल रहे भंडारे के कार्यक्रम में शामिल हुए। जहा पर कांग्रेस नेता ओम सोलंकी, निरंजन डावर,  राजेश पंवार, हरीश खण्डेलवाल, दिनेश ठाकुर, नवीन कर्णिक, सिराज मंसूरी, किरण मण्डलोई, लक्ष्मी जाट, निधि जाट, विनोद डोंगले, माधव गहलोत, सुनील टाइगर, नाथू सरपंच, जितेंद्र मुकाती, महेंद्र पार्षद, स्वतन्त्र जोशी, सतपाल सिंह, विनोद राठौर, जर्मनसिंह पंजाबी, कुलदीप गायकवाड़, दुलीचंद पाटीदार, रविन पाटीदार, आदि ने स्वागत किया। गिरवाल ने कई गांवों का दौरा किया व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। विधायक हीरालाल अलावा भी गिरवाल के साथ थे।

सीताबाई ठाकुर का निधन

सवांददाता- मनोज कवि। 

बदनावर। न्यायालय कर्मचारी व्यंकटेश ठाकुर एवं  मनोहर ठाकुर की माताजी सीताबाई ठाकुर का आज देर शाम निधन हो गया। कल सुबह 9 बजे न्यू कालोनी हनुमान मंदिर खेड़ा से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी तथा नागेश्वर मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार होगा। वे संदीप, पीयूष, हर्ष व देवेश ठाकुर की दादी जी थी।

कोद में होगा आईपीएल की तर्ज पर केपीएल टूर्नामेंट का आयोजन 

रिपोर्टर-विक्की राजपुरोहित। 

बदनावर। ग्राम कोद में आईपीएल की तर्ज पर केपीएल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारियां चल रही है। 

इसको लेकर खिलाड़ियों की नीलामी संपन्न हुई।  कोद- आईपीएल की तर्ज पर केपीएल टूर्नामेंट का आयोजन प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी किया जा रहा । आयोजन का यह चौथा वर्ष है। आयोजन में कुल 10 टीमें भाग लेंगी । दिनांक 3 अप्रैल से क्रिकेट शुरू होगा। जिसमे प्रथम पुरस्कार 51000 रहेगा।  द्वितीय पुरस्कार 31000 व तृतीय पुरस्कार 11000 रखा गया है । क्रिकेट को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। 

नीलामी में सबसे महंगे क्रिकेटर हरि बाबा 11700, लाला खोकर 11500, पवन पाठक 11200 बिके। टूर्नामेंट में 10 टीम सॉई इलेवन, अटल स्टार, विश्व मंगल, अनिता रोड लाईन्स, केआर पी ब्लास्टर, केएल ११, सिद्धी विनायक, महादेव इलेवन, उजाला इलेवन कोद व जय माता दी टीम शामिल होगी।

मेन आफ द मेच कांतीलाल  खोकर की ओर से दिया जाएगा। 

सड़क निर्माण के लिए चढ़ा रहे पेड़ो की बली।

पन्नालाल गेहलोत। 

मनावर। मनावर से डेहरी तक बनने वाले सिमेंट कांक्रीट मार्ग पे जिसे बनाने में न जाने कितनों की जिंदगियों को प्राण वायु प्रदान करने वाले वृक्षों को ठेकेदार द्वारा रोड निर्माण की बलिवेदी पर शहीद किया जा रहा है जो इस छेत्र का सबसे लंबा मार्ग है तो जाहिर सी बात है  वृक्ष भी अनेकों ही होंगे किंतु भवन तथा पथ निर्माण के विषय में सजगता दिखाने वाले जवाबदार अधिकारी  क्यों चुप्पी साधे बैठे हैं यह निश्चित ही चिंता का विषय है  ठेकेदारी पद्धति में विभागीय अधिकारियों का इस तरह से सक्रियता दिखाना निश्चित ही राष्ट्र को उन्नत बनाने की ओर इसारा इंगित करता है लेकिन वही आला अधिकारी पर्यावरण जैसे अति महत्वपूर्ण विषय को नजरअंदाज करके इन वृक्षों को कटते वक्त कैसे मुंद लेते हैं अपनी आंखें क्या इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं यदि नहीं तो फिर कितने दिन और ले पाएंगे इस प्रदूषित वातावरण में मानवी जीवन जीने वाले अपनी सांसे इन हरे-भरे वृक्षों के अभाव में क्या यह संभव है यदि नहीं तो फिर क्यों बे खोफ काटे जा रहे हैं खूबसूरत वादियों को महकाने व प्राण दान देने वाले हरे-भरे इन वृक्षों को। विभाग पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सदैव ही इस ओर अनदेखी ही करता आया है।तो नए वृक्ष लगाने की आवश्यकता ही ना होती।जिसका ताजा उदाहरण ओर कही अधिक दूर जाने की आवश्यकता नहीं तहसील मुख्यालय मनावर से डेहरी रोड निर्माण में ही सडक निर्माण के नाम पर  कहीं हरे वृक्षों को नहीं बख्शा जा रहा है।वही क्षेत्र की जनता को भी परेशानियों की सौगात दे रहे राजविलास कम्पनी के ठेकेदार  ग्राम कलवानी की ही महिलाएं रोड़ निर्माण कम्पनी के प्लांट पर 1 किलो मीटर पैदल जाकर चालीस  महिलाओ ने कम्पनी के मालिक से रूबरू होकर अपनी समस्या का विलाप करते हुए महिलाओं द्वारा बताया गया कि गांव में द्युल से परेशान है अपने रोज के कामो में परेशान हो रही है खाना बनाने से लेकर घर की सफाई तक जल छिड़काव के अभाव में मिट्टी दिन रात घर आँगन में आती है जिससे त्योहारी सिजन व खेती काम काजी में व्यस्तता के बावजूद घर में मिट्टी रूपी गुलाल बिछा रहता है सुविधाओं एवं सुरक्षा को देखते हुए आप की कंपनी द्वारा कोई भी समुचित साधनों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।धूल मिट्टी उड़ती रहती है कार्य भी अती धीमी   गति से चल रहता है।जनता नाहक परेशान होती रहती है दूसरी ओर ऐसी स्थिति  में आपके कामगार लापरवाही करते हुए शासकीय भूमि के वृक्षों  को अंधाधुन काट रहै हे हरे वृक्षों की बलि चढ़ा रहा है पैसा कमाने के जुनून में मासूम जनता और क्षेत्र के समग्र एवं  समुचित विकास को धत्ता बताते हुए अपनी जेब को भरने में मशगूल है। ठेकेदार अपनी राजनीतिक पॉवर व अपनी दबंगता को ढाल बनाकर मन माने ढंग से कार्य कर रहा है पी डब्लू डी अधिकारी उस अमानक पूर्ण कार्य पर अपनी निगाये नही डाल रहे है ये मिलीभगत का खेल 19 किलो मीटर राहगिरी के लिये अभिशाप साबित होगा जो सीमेंट रोड़ आज ही बिना वाहन चले फट रहा है वो भारी भरकम वाहनों को कैसे सहन कर पाएगा और आगामी इसके रखरखाव के लिए कौन जिम्मेदार होगा ठेकेदार की मनमानी व विभागीय अधिकारीयो की मिलीभगत ये मिशाल जनता को परेशानी में डालदेगी इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच हो जिससे दूध का दूध और पानी  का पानी सब देख सके।

उनका तारणहार कौन होगा जो लोग आज मिट्टी की धूल के गुबार से परेशान होते रहे है कई वर्षों में इस क्षेत्र को  एक लंबे मजबूत मार्ग का वरदान प्राप्त हुआ है इसे भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया जाएगा तो वाहनों की आवाजाही एवं बड़े वाहनों का दबाव किस प्रकार सही है रोड जेल पाएगा यह तो उसे भी इंजीनियर एवं निर्माणकर्ता कंपनी भी जवाब दे पाएगी और क्या गारंटी है कि इसका रखरखाव बहुत अच्छी तरीके से हो पाएगा।