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बदनावर जवाहर मार्ग में स्थित दुकान में लगी भीषण आग,

15 लाख से अधिक का हुआ नुकसान

रिपोर्टर - मनोज कवि 


बदनावर। नगर के जवाहर मार्ग में स्थित यादव हार्ड वेयर दुकान में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ। बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया गया। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुकान श्याम यादव की हे। दुकान में रात में धीरे धीरे धुँआ निकल रहा था। किंतु करीब 5 बजे आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की जानकारी जब आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने इसकी सूचना दुकान मालिक श्याम (काका) यादव व् नगर पंचायत अध्यक्ष अभिषेक टल्ला मोदी को दी। तत्काल मोदी ने मौके पर पहुंचकर नगर परिषद के फायर ब्रिगेड को सुचना देकर बुलाया तथा आग बड़ी होने के कारण बाद में बड़नगर से भी फायर ब्रिगेड बुलाया गया। दोनों दमकलों ने मिलकर बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। 

दुकान में रखा सारा सामान जला, दुकान मालिक  गए बदनावरबाहर 


दुकान में रखा पेंट, लकड़ी, रस्से सहित तारपीन का तेल, फर्नीचर आदि सब जल गया, जबकि कई सामान आग बुझाते वक्त पानी से खराब हो गया। उधर दुकान मालिक श्याम यादव यहाँ नही है। वे बाहर गए हुए है। उनके आने के बाद ही नुकसानी का आकलन हो पाएगा। मौके पर मौजूद लोगो द्वारा करीब 15 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने का कारण अभी पता नही चल पाया है। किंतु शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

मैंने विधानसभा में 100% उपस्थिति दी है एक भी पढ़त नहीं की:- -शेलेन्द्र पटेल

संजय त्यागी।

सीहोर। इछावर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं विधायक शैलेंद्र पटेल ने जनसंपर्क के दौरान ग्राम सेवनिया में एक नुक्कड़ सभा में कहा की 5 साल पहले आपने मुझे चुनकर विधानसभा भेजा था। मैंने वह काम बखूबी निभाया।

इन 5 सालों में मैंने विधानसभा में एक भी पढ़त नहीं की 100% उपस्थिति दी है। मैंने सदन में क्षेत्र की समस्याओं, किसानों की समस्या जिम्मेदारी से उठाई।

सड़क से लेकर सदन तक किसानों के लिए क्षेत्र के लोगों के लिए मैंने संघर्ष किया है।

पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के वचन पत्र में मेरे द्वारा दिए गए कुल 50 सुझावों में से 40 सुझावों को मध्य प्रदेश कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल किया गया है मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं की मेरे इतने सारे सुझावों को कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल किया गया है।


पूर्व मंत्री वर्मा पर किया कटाक्ष।

कमलनाथ बूढ़ा बैल है तो आप क्या हो:-पटेल

कहते हैं चुनावों में पुरानी बातें अक्सर सामने आती है। पूर्व मंत्री करण सिंह वर्मा द्वारा कमलनाथ पर दिए गए बयान को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है।  

विधायक शैलेंद्र पटेल मतदाताओं से कहा की कमलनाथ जी के अध्यक्ष बनने पर पूर्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा था की कमलनाथ बूढ़ा बैल है क्या करेगा, पटेल ने कहा कि मैं पूछता हूं कमलनाथ बूढ़ा बैल है तो आप क्या हो पूर्व मंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा आप भी क्या करोगे।

आपको बता दें कि कमल नाथ के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर पूर्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने उनको बूढ़ा बैल कहा था और कहा था कि वह क्या करेंगे।





रिपोर्टर- नारायण मकवाना

बिडवाल। कांग्रेस मंडल बिडवाल की बैठक रखी गई। जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक सेक्टर व बूथ प्रभारी अपने अपने काम पर लग जाए और सदस्य प्रत्येक घर जाकर  कांग्रेस द्वारा घोषणा पत्र को आम जनता के बीच बताया जाए और किसान बेरोजगार आदि के फार्म भरवाए जाए। महिला सशक्तिकरण को भी साथ लेकर चले। बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कमलसिंह पटेल, विधानसभा अध्यक्ष विजयसिंह पवार, दिलीप पाटीदार कोद, भेरुलाल चावड़ा, मनीष पाटीदार रानीपुरा, आत्माराम जाट , दिनेश गिरवाल, विक्रम पटेल , साजिद खान के साथ ही  मंडलम अध्यक्ष विष्णु मरगला, सेक्टर प्रभारी सदाशिव बोरिया, संजू बना, दशरथ छपरा वाला, उमाशंकर बोरिया, उमेश पँवार उपसरपंच, रणछोड़ मरगला,  बाबूलाल निगम , महेश सिसोदिया, रामेश्वर पटेल जालमपुरा , गोपाल पाटीदार शेरगढ़, चुन्नीलाल  सिर्वी बिडवाल, रूपसिंह सिसोदिया, राहुल बना चिराखान, सत्यनारायण धाकड़ , मांगीलाल किशनपुरा,  गणपत कटारा भावलापड़ा, प्रहलाद लक्कड़ आदि उपस्थित थे।





संजय त्यागी।
सीहोर।
विधायक सुदेश राय ने कहा कि
एक भैय्या क्षेत्र में घूम घूम कर कह रहे हैं मुझे वोट मत दो पर सुदेश राय को भी वोट मत देना ।
उन्होंने आगे कहा कि वह मुझे वोट देने का इसलिए मना कर रहे , क्योंकि मेने विधानसभा क्षेत्र में इन 5 सालों में लड़ाई झगड़े नहीं होने दिये, झूठी एफ आई आर नहीं होने दी, कोई मर्डर नहीं होने दिया, कोर्ट कचहरी में  परेशान नहीं होने दिया यह सब उन भैया को रास नहीं आ रहा है इसलिए  वो भैया क्षेत्र में घूम घूम कर कह रहे हैं सुदेश राय को वोट मत देना।
यह बात विधायक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अहमदपुर में आयोजित चुनावी सभा में स्वागत भाषण करते हुए कही।
भाजपा प्रत्याशी सुदेश राय के इस बयान के नेता और कार्यकर्ता अपने अपने हिसाब से मायने निकाल रहे है हालांकि विधायक सुदेश राय ने किसी नेता का नाम नहीं लिया । किन के बारे में बोल रहे थे यह  लोग नहीं समझ पाए।




रिपोर्टर -अनूप जायसवाल
बदनावर। बागी राजेश अग्रवाल ने नाम वापस नहीं लिया है। इस कारण भाजपा की राह मुश्किल हो गई है। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। प्रदेश नेतृत्व के भारी दबाव के बावजूद वे नहीं माने। नामांकन वापस लेने के एक दिन पूर्व ही अग्रवाल अज्ञातवास में चले गए तथा अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। इस कारण किसी से उनका संपर्क नहीं हो पाया। इसके पूर्व रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी उन्हें मनाने पहुंचे थे, लेकिन उनसे भी अग्रवाल ने मुलाकात नहीं की। उनके काका अशोक अग्रवाल के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया था कि वे कि सी भी कीमत पर उम्मीदवारी वापस नहीं लेंगे।
स्थानीय नेताओं ने बुधवार दोपहर 3 बजे तक उनका इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए। अग्रवाल पिछले कई चुनाव से भाजपा से टिकट मांगते चले आ रहे थे। पिछले चुनाव में भी उन्होंने निर्दलीय फॉर्म भरा था। तब प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर वे मान गए थे व फॉर्म इस आश्वासन के साथ वापस ले लिया था कि अगली बार उनका ध्यान रखा जा सकता है।



अधिकृत प्रत्याशियों को बगावत पड़ी है भारी

यहां कांग्रेस या भाजपा में जब भी बगावत हुई है, तब-तब अधिकृत प्रत्याशियों को मुंह की खाना पड़ी है। 1998 में कांग्रेस में बगावत के कारण पराजय का मुंह देखना पड़ा था। तब राजवर्धनसिंह दत्तीगांव बगावत कर कांग्रेस के उम्मीदवार मोहनसिंह बुंदेला के सामने ताल ठोककर खड़े हो गए थे। 2003 व 2008 में बगावत के कारण भाजपा की हार हो गई थी। तब भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी खेमराज पाटीदार के सामने क्रमशः प्रकाश सावंत एवं रमेश पटेल रोड़ा बनकर खड़े हो गए थे। 1985 में कांग्रेस के रघुनाथसिंह माथुर के सामने कांग्रेस के ही सादिक अली बोहरा के खड़े होने के कारण कांग्रेस हार गई थी। इस चुनाव में अग्रवाल कांग्रेस एवं भाजपा दोनों को ही नुकसान पहुंचाएगे, लेकिन भाजपा को ज्यादा क्षति पहुंचेगी। उनकी पाटीदार एवं मुस्लिम मतदाताओं में अच्छी पकड़ है। अगर वे दमखम से लड़े, तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

आठ मैदान में

चार प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद अब मैदान में आठ प्रत्याशी रह गए हैं। राजेश अग्रवाल ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कांग्रेस के बागी प्रत्याशी के साथ तीन अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। निर्वाचन अधिकारी प्रतापसिंह चौहान ने बताया कि अंतिम सूची के मुताबिक भंवरसिंह शेखावत भाजपा, राजवर्धनसिंह दत्तीगांव कांग्रेस, समरथ कश्यप बसपा, विक्रम सोलंकी गोणवाना गणतंत्र पार्टी, शैलेंद्रकुमार शर्मा आप एवं संदीप पंवार प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी मैदाना में हैं। इसके अलावा राजेश अग्रवाल एवं मुकेश कुमार मंडलोई निर्दलीय प्रत्याशी होंगे। इन्हें क्रमशः ट्रैक्टर चलाता कि सान व बांसुरी चुनाव चिन्ह दिया गया है। कांग्रेस के बागी अभिषेकसिंह राठौर, निर्दलीय राजेश मुनिया, दुलीचंद्र सिर्वी एवं बाबू खां ने फॉर्म उठा लिया है। इस चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। जबकि 2013 में सात उम्मीदवार थे।

बदनावर में बागी के कारण भाजपा की राह मुश्किल, चार ने लिए नाम वापस।

मनोज कवि

बदनावर। बागी राजेश अग्रवाल ने नाम वापस नहीं लिया है। इस कारण भाजपा की राह मुश्किल हो गई है। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। प्रदेश नेतृत्व के भारी दबाव के बावजूद वे नहीं माने। नामांकन वापस लेने के एक दिन पूर्व ही अग्रवाल अज्ञातवास में चले गए तथा अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। इस कारण किसी से उनका संपर्क नहीं हो पाया। इसके पूर्व रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी उन्हें मनाने पहुंचे थे, लेकिन उनसे भी अग्रवाल ने मुलाकात नहीं की। उनके काका अशोक अग्रवाल के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया था कि वे कि सी भी कीमत पर उम्मीदवारी वापस नहीं लेंगे। 

स्थानीय नेताओं ने बुधवार दोपहर 3 बजे तक उनका इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए। अग्रवाल पिछले कई चुनाव से भाजपा से टिकट मांगते चले आ रहे थे। पिछले चुनाव में भी उन्होंने निर्दलीय फॉर्म भरा था। तब प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर वे मान गए थे व फॉर्म इस आश्वासन के साथ वापस ले लिया था कि अगली बार उनका ध्यान रखा जा सकता है।

अधिकृत प्रत्याशियों को बगावत पड़ी है भारी


यहां कांग्रेस या भाजपा में जब भी बगावत हुई है, तब-तब अधिकृत प्रत्याशियों को मुंह की खाना पड़ी है। 1998 में कांग्रेस में बगावत के कारण पराजय का मुंह देखना पड़ा था। तब राजवर्धनसिंह दत्तीगांव कांग्रेस के उम्मीदवार मोहनसिंह बुंदेला के सामने ताल ठोककर खड़े हो गए थे। 2003 व 2008 में बगावत के कारण भाजपा की हार हो गई थी। तब भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी खेमराज पाटीदार के सामने क्रमशः प्रकाश सावंत एवं रमेश पटेल रोड़ा बनकर खड़े हो गए थे। 1985 में कांग्रेस के रघुनाथसिंह माथुर के सामने कांग्रेस के ही सादिक अली बोहरा के खड़े होने के कारण कांग्रेस हार गई थी। इस चुनाव में अग्रवाल कांग्रेस एवं भाजपा दोनों को ही नुकसान पहुंचाएगे, लेकिन भाजपा को ज्यादा क्षति पहुंचेगी। उनकी पाटीदार एवं मुस्लिम मतदाताओं में अच्छी पकड़ है। अगर वे दमखम से लड़े, तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।


आठ मैदान में


चार प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद अब मैदान में आठ प्रत्याशी रह गए हैं। राजेश अग्रवाल ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कांग्रेस के बागी प्रत्याशी के साथ तीन अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। निर्वाचन अधिकारी प्रतापसिंह चौहान ने बताया कि अंतिम सूची के मुताबिक भंवरसिंह शेखावत भाजपा, राजवर्धनसिंह दत्तीगांव कांग्रेस, समरथ कश्यप बसपा, विक्रम सोलंकी गोणवाना गणतंत्र पार्टी, शैलेंद्रकुमार शर्मा आप एवं संदीप पंवार प्रजातांत्रिक समाधान पार्टी मैदाना में हैं। इसके अलावा राजेश अग्रवाल एवं मुकेश कुमार मंडलोई निर्दलीय प्रत्याशी होंगे। इन्हें क्रमशः ट्रैक्टर चलाता कि सान व बांसुरी चुनाव चिन्ह दिया गया है। कांग्रेस के बागी अभिषेकसिंह राठौर, निर्दलीय राजेश मुनिया, दुलीचंद्र सिर्वी एवं बाबू खां ने फॉर्म उठा लिया है। इस चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। जबकि 2013 में सात उम्मीदवार थे।